8 अक्टूबर तक चलेगा पोषण माह अभियान;

हर आंगनबाड़ी केंद्र बनेगा पोषण जागरूकता का केंद्र

केंद्रों पर पोषण जागरूकता एवं व्यवहार परिवर्तन से जुड़ी गतिविधियों का आयोजन

सरकारी मानक एवं दिशानिर्देश के अनुरूप पोषण माह के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन का सख्त निर्देश
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मधुबनी,
17 सितंबर, 2026।

जिले में एक माह तक चलने वाला पोषण माह का आयोजन 8 अक्टूबर 2026 तक चलेगा । पोषण के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने, कुपोषण की रोकथाम तथा बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार के उद्देश्य से जिले में व्यापक स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। पोषण माह के सफल, प्रभावी एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला पदाधिकारी श्री आनंद शर्मा ने उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता मे टीम का गठन कर निर्धारित कार्ययोजना एवं कैलेंडर के अनुरूप ससमय कार्य संपादित करने का सख्त निर्देश दिया है। वस्तुत: यह गतिविधि सामुदायिक सहभागिता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अभियान है। पोषण के प्रति जागरूकता, सही खान-पान की आदत, बच्चों के समुचित विकास तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए परिवार एवं समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इसी उद्देश्य से पोषण माह के दौरान विभिन्न विभागों एवं समुदाय के समन्वित प्रयास से व्यवहार परिवर्तन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

पांच प्रमुख विषयों पर केंद्रित है गतिविधियां
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पोषण माह के दौरान निर्धारित कैलेंडर के अनुसार मुख्य रूप से पांच विषयों पर गतिविधियां आयोजित की जा रही है-
इनमें आहार विविधता एवं पर्याप्त प्रोटीन, आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताजा एवं गर्म पका भोजन , सामुदायिक स्वामित्व एवं जवाबदेही, बाल विकास के लिए पोषण एवं प्रारंभिक उद्दीपन तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से मातृ स्वास्थ्य हेतु नकद अंतरण शामिल हैं।
इन गतिविधियों के माध्यम से लोगों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पोषक खाद्य पदार्थों के उपयोग, बच्चों के प्रारंभिक विकास, मातृ स्वास्थ्य तथा आंगनबाड़ी सेवाओं के प्रभावी उपयोग के प्रति आम लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर कम-से-कम पांच गतिविधियों का आयोजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय आवश्यकताओं एवं क्षेत्रीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त गतिविधियों का भी आयोजन किया जा सकेगा। पोषण संबंधी गतिविधियों को व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने तथा उनके प्रभावी प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है।

जनभागीदारी एवं सामुदायिक स्वामित्व पर विशेष जोर
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पोषण माह का उद्देश्य केवल योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी देना नहीं, बल्कि पोषण को जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करते हुए समुदाय में स्थायी व्यवहार परिवर्तन लाना है। इसके लिए आंगनबाड़ी सेविकाओं, आशा कार्यकर्ताओं, जीविका समूहों तथा संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
स्थानीय आवश्यकताओं एवं भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए धात्री एवं गर्भवती महिलाओं, किशोरियों तथा बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य से संबंधित जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। लोगों को संतुलित आहार, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बच्चों के प्रारंभिक विकास के महत्व की जानकारी दी जाएगी।

अधिकारियों की टीम गठित, लक्ष्य की पूर्ति का निर्देश
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पोषण माह के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर संबंधित विभागों के अधिकारियों की टीम गठित की गई है। जिला पदाधिकारी ने गठित टीम को निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने तथा सभी गतिविधियों का प्रभावी अनुश्रवण करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पोषण माह के दौरान आयोजित गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग एवं दैनिक प्रतिवेदन सुनिश्चित किया जाए तथा विभागीय पोषण ट्रैकर पोर्टल पर गतिविधियों की प्रविष्टि एवं अपलोडिंग निर्धारित समय-सीमा में की जाए।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इसका प्रत्यक्ष लाभ लक्षित वर्ग तक पहुंचे और पोषण संबंधी व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे, यह सुनिश्चित किया जाए।

सामूहिक प्रयास से बनेगा स्वस्थ एवं सुपोषित समाज
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पोषण माह के माध्यम से जिले में कुपोषण की रोकथाम, बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य तथा परिवारों में पौष्टिक आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला प्रशासन का उद्देश्य विभिन्न विभागों एवं समुदाय के समन्वित प्रयास से स्वस्थ, सक्षम एवं सुपोषित समाज के निर्माण को गति देना है।

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