नेपाल के तराई क्षेत्र में अत्यधिक वर्षापात के मद्देनजर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर

जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ की बैठक तथा सजग एवं तत्पर रहने का दिया निर्देश
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नेपाल के तराई क्षेत्र में अत्यधिक वर्षापात की संभावना एवं इसके फलस्वरूप कोशी नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए जिला पदाधिकारी, मधुबनी श्री आनंद शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को संबंधित पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई। बैठक मे जिलाधिकारी ने बाढ़ पूर्व तैयारियों एवं आपदा प्रबंधन की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारियों को पूर्णतः अलर्ट मोड में रहते हुए सभी आवश्यक तैयारी सुदृढ रखने का निर्देश दिया।

जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि कोशी नदी से प्रभावित होने वाले संभावित पंचायतों में प्रशासनिक एवं राहत व्यवस्था की पूरी तरह तैयार रखा जाए। वास्तविक बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने हेतु सामुदायिक रसोई केन्द्रों एवं बाढ़ राहत शिविरों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व से पूर्ण रूप से तैयार रखने का निर्देश दिया गया।

बाढ़ नियंत्रण एवं तटबंध सुरक्षा के संबंध में संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को अपने सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंताओं के साथ क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहने तथा तटबंधों की सतत निगरानी एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, RWD के संपर्क पथ के क्षतिग्रस्त/भंग होने की स्थिति में तत्काल मरम्मती कार्य प्रारंभ करने हेतु आवश्यक तैयारी रखने को कहा गया।

विद्युत आपूर्ति से संबंधित किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु विद्युत विभाग को आवश्यक मानवबल एवं संसाधनों के साथ तत्पर रहने तथा निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसी प्रकार हर घर नल का जल योजना के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या के त्वरित समाधान हेतु संबंधित विभाग को पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया।

आपातकालीन स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य हेतु मधेपुर प्रखंड में कुल 87 नाव उपलब्ध हैं, जिनमें 37 निजी नाव एवं 45 सरकारी नाव उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त, जिला प्रशासन के पास SDRF की टीम पूर्णतः तैनात है तथा वर्तमान में 10 इन्फ्लेटेबल बोट भी उपलब्ध हैं।

जिला पदाधिकारी ने सभी क्षेत्रीय पदाधिकारियों, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचल स्तर के पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहकर स्थिति की सतत निगरानी करने एवं अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है।

बैठक में विशेष रूप से संवेदनशील एवं कमजोर वर्ग के लोगों को पूर्व से चिह्नित करने का निर्देश दिया गया। इसमें गर्भवती एवं धात्री महिलाएं, बच्चे, वृद्धजन तथा अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों को शामिल करते हुए आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थान पर तत्काल पहुंचाने हेतु परिवहन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्था पूर्व से सुनिश्चित करने को कहा गया।

बाढ़ की स्थिति में राहत सामग्री एवं राशन के सुचारू वितरण हेतु मधेपुर प्रखंड अंतर्गत पूर्व से ही सुरक्षित स्थलों को चिह्नित कर आवश्यक व्यवस्था तैयार रखने का निर्देश दिया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत वितरण कार्य तत्काल प्रारंभ किया जा सके।

जिला पदाधिकारी ने बताया कि कोशी बराज, वीरपुर से प्राप्त सूचना के अनुसार कोशी नदी के डिस्चार्ज में शनिवार सुबह से ही लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वर्तमान स्थिति में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न होने की संभावना नहीं है। हालांकि, नेपाल के तराई क्षेत्र में वर्षापात एवं जलस्तर की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं स्थानीय आम लोगों को सतर्क रहने को कहा है।

जिलाधिकारी ने आमजनों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से नदी एवं जलजमाव वाले क्षेत्रों में न जाएं तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। साथ ही, पंचायत प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में आमजनों को सजग एवं सतर्क रखने तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की गई है।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि आपदा की स्थिति में कर्तव्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा आदेशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित पदाधिकारी/कर्मी के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 56 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन श्री संतोष कुमार, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी श्री रजनीश कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, सिविल सर्जन, PHED के कार्यपालक अभियंता, झंझारपुर, RWD के कार्यपालक अभियंता, झंझारपुर सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।

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