मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए भारी उछाल के बीच घरेलू और वैश्विक बाजार में सोना-चांदी के भावों में गिरावट देखने को मिली। दशहरे के दिन शाम 5 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (mcx gold silver price) के खुलते ही सोना फिसलकर 1.45 लाख रुपए के स्तर पर आ गया, जबकि चांदी भी लुढ़ककर 2.09 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार करती नजर आई।
वैश्विक बाजार (gold silver price comex) में भी शाम 5 बजे तक सोना 4,135 डॉलर प्रति औंस और चांदी 57 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही थी, जबकि क्रूड ऑयल की कीमत 111 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई।
एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी एंड करेंसी, वीपी रिसर्च एनालिस्ट जतीन त्रिवेदी के अनुसार, ऊंचे स्तरों (लगभग 4,190 डॉलर) पर हुई प्रॉफिट बुकिंग के चलते सोना कॉमैक्स पर 4,140 डॉलर के आसपास और घरेलू बाजार में करीब 1,46,000 रुपए के इर्द-गिर्द सपाट कारोबार करता नजर आया।
उनके मुताबिक, 4,200 डॉलर का स्तर सोने के लिए एक मजबूत रुकावट बना हुआ है। इसके अलावा, डॉलर इंडेक्स के 101.95 के पास मजबूत बने रहने से भी सोने की कीमतों में ऊपरी स्तर पर तेजी सीमित हो रही है।
आगे चलकर निवेशकों की नजरें अक्टूबर के अंत में आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर के फैसले और उसकी नीतिगत गाइडलाइन्स पर टिकी रहेंगी। इस महत्वपूर्ण घोषणा से पहले बुलियन मार्केट में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की पूरी संभावना है।
