जिला जन संपर्क कार्यालय

प्रेस विज्ञप्ति

दिनांक–25 मार्च 2026

जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी श्री रिची पांडे द्वारा विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर 76 पंचायत को टीवी मुक्त घोषित करते हुए मुखिया जी को किया गया सम्मानित।

विश्व यक्ष्मा दिवस –2026 के अवसर पर जिला पदाधिकारी सीतामढ़ी श्री रिची पांडे द्वारा जिले के 17 प्रखंडों से कुल 76 पंचायतों को टीवी मुक्त घोषित किया गया एवं संबंधित मुखिया जी को प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी जी की मूर्ति प्रदान कर सम्मानित किया गया।

प्रथम स्थान पर बेलसंड प्रखंड रहा जहां 10 में 9 पंचायत को टीवी मुक्त घोषित किया गया है, द्वितीय स्थान पर सुरसंड प्रखंड रहा जहां 17 में 8 पंचायत को टीवी मुक्त किया गया, तृतीय स्थान पर संयुक्त रूप से रीगा एवं सुप्पी प्रखंड रहा जहां 6-6 पंचायत को टीवी मुक्त घोषित किया गया।

जिला पदाधिकारी द्वारा माननीय मुखिया जी को यक्ष्मा उन्मूलन में सहयोग हेतु धन्यवाद देते हुए अपने पंचायत अंतर्गत सभी यक्ष्मा मरीजों को गोद लेने की अपील की गई एवं पंचायत स्तर पर यक्ष्मा मरीजों की सूची तैयार कर रजिस्टर में संधारित करते हुए नियमित इसका अनुश्रवण करने की अपील की गई साथ ही अपने सहभागियों जैसे प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, सरपंच, वार्ड सदस्य आदि को निश्चय मित्र के रूप मे जोड़ने की अपील की गई।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉक्टर जेड जावेद द्वारा बताया गया कि वर्ष 2026 का थीम ही है कि Yes ! we can end TB. Led by Bharat. Powered by Janbhagidari. बगैर जन सहयोग के एवं जन भागीदारी के हम लोग अकेले यक्ष्मा उन्मूलन का लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकते हैं इसमें आप सभी के सहयोग आवश्यक है।
अतः अपने घर परिवार समाज में अगर कोई संदिग्ध यक्ष्मा के रोगी पाए जाते हैं तो तुरंत उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में बलगम एवं एक्स रे जांच हेतु नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में भेजें। हमारे सभी स्वास्थ्य केंद्र पर निशुल्क सुविधा उपलब्ध है। यक्ष्मा का जांच, इलाज सहित सरकार द्वारा प्रत्येक माह ₹1000 उन्हें पोषण हेतु दिया जाता है साथ ही निश्चय मित्र के सहयोग से उन्हें उनके इलाज अवधि तक फूड बास्केट भी प्रदान किया जाता है । जिले में वर्तमान में लगभग 6000 मरीज हैं इलाजरत हैं जिनमें से 425 एमडीआर मरीज है ।
यक्ष्मा रोग के सामान्य लक्षण निम्न है जिसमें लगातार खांसी, दो सप्ताह ही अधिक समय तक खांसी आना, खांसी के साथ बलगम आना एवं खून भी आना, सांस लेने या खांसते समय सीने में दर्द महसूस होना, सांस फूलना, लंबे समय तक बुखार आना जो शाम को बढ़ जाता है, रात में पसीना आना, दिन भर थकान और कमजोरी महसूस होना, वजन में गिरावट आदि प्रमुख है।
सिविल सर्जन डॉक्टर अखिलेश कुमार द्वारा बताया गया कि सही आदतें डालकर यक्ष्मा से हम लोग बच सकते हैं जिसके लिए स्वच्छता बनाए रखें खांसते या छींकते समय रुमाल या गमछा या टिशु का प्रयोग करें, संक्रमित व्यक्ति हमेशा मास्क में रहे , संतुलित आहार और व्यायाम से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है, तंबाकू धूम्रपान अल्कोहल अन्य नशा से बचे, लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना आदि भी टीवी रोग को गंभीर बनाते हैं इन सब से बचाव करना चाहिए। डायबिटीज फेफड़ों की समस्या कैंसर हार्ट की बीमारी आदि का भी समुचित उपचार होना चाहिए ताकि टीवी का खतरा कम रहे।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी द्वारा बताया गया की विश्व यक्ष्मा दिवस के अवसर पर माननीय स्वास्थ्य मंत्री, केंद्र सरकार डॉक्टर जे पी नड्डा द्वारा पुनः 100 दिवसीय कैम्पेनिंग की शुरुआत की गई है जिसके अंतर्गत सभी चिन्हित पंचायतों में कैंप लगाकर वनरेबल पापुलेशन का स्क्रीनिंग किया जाएगा एवं उनका एक्स-रे तथा बलगम जांच भी किया जाएगा।
उक्त बैठक में सभी 76 पंचायत के माननीय मुखिया, यक्ष्मा पर्यवेक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, प्रयोगशाला प्राविधिक के साथ-साथ सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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