गंडक नदी के जलस्तर में रविवार को तेजी से वृद्धि दर्ज की गई। वाल्मीकिनगर गंडक बराज से सुबह आठ बजे जहां 1.24 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा था, वहीं शाम छह बजे तक डिस्चार्ज बढ़कर 1,77,800 लाख क्यूसेक पहुंच गया। यानी दस घंटे में डिस्चार्ज में 53,800 क्यूसेक की वृद्धि हुई।

सुबह आठ बजे बराज के अपस्ट्रीम का जलस्तर 354.40 फीट दर्ज किया गया था, जो शाम छह बजे बढ़कर 356.30 फीट हो गया। इस तरह जलस्तर में 1.90 फीट की वृद्धि हुई।

वहीं डाउनस्ट्रीम का जलस्तर भी सुबह के 351.60 फीट से बढ़कर शाम को 353.60 फीट पहुंच गया। इसमें 2 फीट की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

बराज से डाउनस्ट्रीम में सुबह और शाम दोनों समय समान मात्रा में पानी छोड़ा गया। शाम छह बजे बराज से 1,77,800 क्यूसेक पानी डाउनस्ट्रीम में प्रवाहित किया गया।

हालांकि, इस दौरान ईएमसी और एमडब्ल्यूसी निल रहा। जलस्तर और डिस्चार्ज में अचानक हुई वृद्धि को देखते हुए नदी किनारे के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। वृद्धि की सूचना के बाद एसडीएम चांदनी कुमारी वाल्मीकिनगर गंडक बराज पहुंची और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया।जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सुबह आठ बजे बराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 354.40 फीट और डाउनस्ट्रीम में 351.60 फीट था। सुबह 10 बजे डिस्चार्ज बढ़कर 1,31,500 क्यूसेक हो गया। इस दौरान अपस्ट्रीम जलस्तर 354.70 फीट और डाउनस्ट्रीम 351.90 फीट दर्ज किया गया।

दोपहर में तेजी से बढ़ा डिस्चार्ज

सुबह 11 बजे बराज से 1,36,700 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हुआ। दोपहर 12 बजे यह बढ़कर 1,44,800 क्यूसेक पहुंच गया। दोपहर एक बजे 1,47,500 क्यूसेक और दो बजे 1,50,200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। दोपहर तीन बजे तक डिस्चार्ज बढ़कर 1,52,900 क्यूसेक हो गया।

इसी अवधि में बराज के अपस्ट्रीम जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई। सुबह आठ बजे 354.40 फीट रहा जलस्तर दोपहर तीन बजे 355.40 फीट पहुंच गया। डाउनस्ट्रीम जलस्तर भी 351.60 फीट से बढ़कर 352.70 फीट हो गया।

बराज के इमरजेंसी मेंटेनेंस चैनल (ईएमसी) और मेन वियर चैनल (एमडब्ल्यूसी) में पूरे दिन डिस्चार्ज शून्य दर्ज किया गया। पानी के बढ़ते डिस्चार्ज को देखते हुए गंडक नदी के आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। विभागीय स्तर पर बराज और नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।

वर्षा नहीं होने के बावजूद गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। अनुमान है कि नेपाल और ऊपरी क्षेत्रों में आई बाढ़ का पानी गंडक नदी में पहुंच रहा है। इसी वजह से नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

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