पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप और कीएर स्टार्मर के बीच कूटनीतिक मतभेद एक बार फिर खुलकर सामने आ गए हैं। ईरान पर हमले को लेकर दोनों देशों के रुख में अंतर ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, ब्रिटेन द्वारा शुरुआती दौर में अमेरिकी वायुसेना को डिएगो गार्सिया स्थित अपने एयरबेस के उपयोग की अनुमति नहीं देना राष्ट्रपति ट्रंप को नागवार गुजरा। इस फैसले को लेकर उन्होंने एक साक्षात्कार में खुलकर नाराजगी और हताशा जाहिर की।
हालांकि, बाद में ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टार्मर ने अपने रुख में नरमी दिखाई और कहा कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर इस एयरबेस का इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ब्रिटेन इस सैन्य कार्रवाई में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केवल एक सैन्य फैसले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ट्रांस-अटलांटिक संबंधों में उभरती खटास का संकेत भी है। इससे पहले भी ग्रीनलैंड और टैरिफ जैसे मुद्दों पर दोनों नेताओं के बीच मतभेद सामने आ चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा हालात में अमेरिका और ब्रिटेन जैसे पारंपरिक सहयोगियों के बीच इस तरह के मतभेद वैश्विक कूटनीति पर असर डाल सकते हैं, खासकर तब जब पश्चिम एशिया पहले से ही गंभीर अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है।
