देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त करने और विकसित भारत 2047 के सामूहिक संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत 17 सितंबर की शाम प्रत्येक बूथ पर हर परिवार से दीप प्रज्वलित कर इस संकल्प में सहभागी बनने का आह्वान किया जाएगा।
अभियान में जलाया जाने वाला प्रत्येक दीप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति नागरिकों के आभार और विकसित भारत 2047 के सामूहिक संकल्प का प्रतीक होगा।
लाभार्थियों के घर पहुंचकर जलाया जाएगा ‘आशीर्वाद का दीया’
अभियान के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की सूची संबंधित राज्य सरकारों द्वारा बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं तक पहुंचाई जाएगी। 17 सितंबर की शाम बूथ सदस्य इन लाभार्थियों के घर पहुंचकर ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित करने के लिए नागरिकों का आह्वान करेंगे।
अभियान में नागरिकों के साथ इन्फ्लुएंसर्स, मंत्री और मुख्यमंत्री भी दीप प्रज्वलन की तस्वीरें एवं वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करेंगे। इसके लिए #आशीर्वाद_का_दीया हैशटैग का इस्तेमाल किया जाएगा।
सभी विभागों के लाभार्थी होंगे शामिल
अभियान के लिए प्रत्येक राज्य के संबंधित विभागों को अपनी योजनाओं के लाभार्थियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। लाभार्थी किसी भी विभाग या किसी भी सरकारी योजना से जुड़ा हो सकता है। इसमें कार्यकर्ता लाभार्थियों के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के सभी पात्र लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा।
लाभार्थियों की सूची में कोविड-19 टीकाकरण का लाभ लेने वाले लोगों को भी शामिल किया जाएगा। सभी राज्यों को लाभार्थियों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने को कहा गया है।
WhatsApp के जरिए भेजा जाएगा अभियान का वीडियो
चयनित सभी लाभार्थियों को WhatsApp के माध्यम से ‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान का वीडियो भेजा जाएगा। केंद्रीय कार्यालय हिंदी में इसका मास्टर वीडियो तैयार करेगा। इसके बाद प्रत्येक राज्य इसे अपनी स्थानीय भाषा में तैयार करेगा। स्थानीय रूपांतरण में केवल भाषा बदली जाएगी, जबकि वीडियो की भावनात्मक प्रस्तुति और दृश्य समान रखे जाएंगे।
प्रत्येक वीडियो के अंतिम फ्रेम पर अभियान की तिथि और समय अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
हर बूथ पर तय होगी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी
‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान का आयोजन देशभर के सभी बूथों पर सुनिश्चित करने की योजना है। प्रत्येक जिले में एक कार्यकर्ता प्रभारी नियुक्त किया जाएगा, जो पूरे जिले में अभियान के क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार होगा।
बूथ स्तर पर भी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। पहले से तय किया जाएगा कि कौन-सा कार्यकर्ता किस बूथ की जिम्मेदारी संभालेगा। संगठन की ओर से तैनात टीम और कार्यकर्ता लाभार्थियों के घर तक पहुंचकर दीप प्रज्वलन कराएंगे।
कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी होगी कि बूथ स्तर पर कार्यक्रम व्यवस्थित और सफलतापूर्वक आयोजित हो तथा इसकी रिपोर्ट जिला प्रभारी तक पहुंचाई जाए।
थीम सॉन्ग और सूचना वीडियो भी तैयार होगा
अभियान के लिए ‘आशीर्वाद का दीया’ थीम सॉन्ग और उसका वीडियो तैयार किया जाएगा। इसके अलावा अभियान का परिचय और नागरिकों से इसमें शामिल होने की अपील करने वाला एक सूचना वीडियो भी बनाया जाएगा, जिसे प्रचार-प्रसार के लिए इस्तेमाल किया जा सके और WhatsApp के माध्यम से आसानी से साझा किया जा सके।
दोनों प्रकार की सामग्री हिंदी के साथ-साथ सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अलग-अलग राज्यों में लाभार्थियों तक उनकी स्थानीय भाषा में अभियान का संदेश पहुंचाया जा सके।
अभियान की एक समान पहचान बनाए रखने के लिए केंद्रीय स्तर पर एक समान हैशटैग, वीडियो फ्रेम और कैंपेन आइडेंटिटी उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रचार के प्रमुख माध्यम
‘आशीर्वाद का दीया’ अभियान के प्रचार के लिए WhatsApp, टीवी विज्ञापन, विशेष गीतों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का इस्तेमाल किया जाएगा। केंद्र और राज्य स्तर पर तैयार की गई प्रचार सामग्री के माध्यम से अभियान को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
