सीमावर्ती क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश, लंबित योजनाओं के आवेदनों में 10% वृद्धि का लक्ष्य

मधुबनी। जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (सीडीपीओ) की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण, पोषण ट्रैकर ऐप की प्रगति तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी सीडीपीओ को निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने विशेष रूप से सीमावर्ती (बॉर्डर) क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल, शौचालय, बिजली, बैठने की समुचित व्यवस्था सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

पोषण ट्रैकर ऐप पर शत-प्रतिशत डेटा एंट्री के निर्देश

पोषण ट्रैकर ऐप के विभिन्न सूचकांकों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि सभी आंगनबाड़ी सेविकाएं समयबद्ध और शत-प्रतिशत डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करें। साथ ही, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी स्वयं इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें, ताकि जिले के प्रदर्शन में सुधार हो सके।

मातृ वंदना और कन्या उत्थान योजना की समीक्षा

बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के लंबित आवेदनों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी सीडीपीओ को निर्देश दिया कि अगले माह तक इन योजनाओं के ऑनलाइन आवेदनों की प्रविष्टि में कम से कम 10 प्रतिशत की वृद्धि सुनिश्चित की जाए।

कमजोर प्रदर्शन वाले परियोजना पदाधिकारियों को सुधार के निर्देश

समीक्षा के दौरान जिले की रैंकिंग में अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन करने वाले पांच बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यों में सुधार लाने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

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